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Bhakti aur Sanskriti का संगम: उज्जैन में 39 दिन तक अतिथि निवास कलाकारों के लिए आरक्षित, श्रद्धालु होटल की ओर कर रहे रुख!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
सावन का महीना… जब उज्जैन की फिज़ाओं में सिर्फ भक्ति ही नहीं, बल्कि संस्कृति की भी खुशबू घुल जाती है। इस वर्ष सावन और भाद्रपद के पहले दो हफ्तों में महाकाल मंदिर समिति ने एक ऐतिहासिक पहल की है — सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए उज्जैन की आत्मा को जीवंत करने का संकल्प।
महाकाल लोक और त्रिवेणी संग्रहालय में पहली बार इतना वृहद स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। हर सप्ताह महाकाल लोक में पाँच दिन और त्रिवेणी संग्रहालय में दो दिन देशभर से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को अध्यात्म, परंपरा और कला से जोड़ेंगे।
इन प्रस्तुतियों में शामिल होने वाले कलाकारों को ठहराने के लिए मंदिर समिति ने पंडित सूर्य नारायण अतिथि निवास और श्री महाकालेश्वर अतिथि निवास को 11 जुलाई से 18 अगस्त तक आरक्षित रखने का निर्णय लिया है। यह निर्णय 30 जून को जारी आदेश के अनुसार लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि देशभर से आने वाले कलाकारों को सम्मानजनक आवास और सुविधा मिले।
दोनों अतिथि निवासों में कुल 45 कमरे हैं, जो कलाकारों की जरूरत के हिसाब से आरक्षित किए गए हैं। मंदिर समिति का यह प्रयास न केवल कलाकारों के सम्मान को दर्शाता है, बल्कि उज्जैन को एक आध्यात्मिक-सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हालांकि इससे कुछ श्रद्धालुओं को होटल विकल्पों की ओर रुख करना पड़ रहा है, लेकिन यह भी एक संकेत है कि उज्जैन में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है और ठहरने की सुविधाओं का विस्तार समय की मांग बन चुका है। महाकाल मंदिर समिति ने यह स्पष्ट किया है कि यह कदम अस्थायी है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए जरूरी भी।